घर से दूर लोग नहीं कर पा रहे पितरों का श्राद्ध? ऐसे पाएं पूर्वजों की कृपा
26 सितंबर से पितृपक्ष शुरू होने जा रहे हैं. पितृ पक्ष में अपने पूर्वजों के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने के लिए हर व्यक्ति अपनी सामर्थ्य
26 सितंबर से पितृपक्ष शुरू होने जा रहे हैं. पितृ पक्ष में अपने पूर्वजों के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने के लिए हर व्यक्ति अपनी सामर्थ्य के अनुसार धार्मिक कार्य करता है.
परंपरागत रूप से पितरों की तिथि पर श्राद्ध, तर्पण और ब्राह्मण भोज कराने की परंपरा है. लेकिन बदलती जीवनशैली में हर व्यक्ति के लिए यह संभव नहीं कि वह अपने पैतृक स्थान पर जाकर इन सभी कर्मों को विधिवत पूरा कर सके.
नौकरी, व्यवसाय और दूसरे शहर में रहने के कारण कई लोग अपने परिवार और पैतृक घर से दूर हैं. आइए जानते हैं कि जो लोग
अपने पैतृक स्थल से दूर हैं, वो कैसे अपने पितरों को प्रसन्न कर सकते हैं.
