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Lucknow, India

विश्व हिंदू परिषद बोला-अंसारी हिंदू विरोधी सोच से बाहर आएं:पूर्व उपराष्ट्रपति ने कहा था- भारत को असली खतरा हिंदू दक्षिणपंथी सांप्रदायिकता से था

Published 20 September 2026 · world

विश्व हिंदू परिषद ने पूर्व उपराष्ट्रपति मोहम्मद हामिद अंसारी के हिंदू दक्षिणपंथी सांप्रदायिकता वाले बयान पर रविवार को हमला बोला। VHP के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद

विश्व हिंदू परिषद ने पूर्व उपराष्ट्रपति मोहम्मद हामिद अंसारी के हिंदू दक्षिणपंथी सांप्रदायिकता वाले बयान पर रविवार को हमला बोला। VHP के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने अंसारी पर ‘हिंदू विरोधी, नेहरूवादी और कट्टरपंथी सोच’ रखने का आरोप लगाया। बंसल ने कहा कि भारत के बहुसंख्यक हिंदू समाज को देश के लिए खतरा बताने से पहले अंसारी को अपने सार्वजनिक जीवन का ‘आइना’ देखना चाहिए। यह बयान शुक्रवार को इंडिया इस्लामिक कल्चरल सेंटर में आयोजित एक कार्यक्रम के बाद आया। कार्यक्रम संवैधानिक विशेषज्ञ एजी नूरानी की याद में रखा गया था।

अंसारी ने कार्यक्रम में नागरिक राष्ट्रवाद को चुनौती देने वाले उभरते रुझानों पर बात की थी। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के बयान का हवाला दिया था। अंसारी ने बताया कि नेहरू का यह बयान विदेश मंत्रालय के अधिकारियों की बैठक में दिया गया था। इसे पूर्व विदेश सचिव जगत सिंह गुंडेविया ने दर्ज किया था। उन्होंने कहा कि इस बयान को एजी नूरानी ने अपनी 2019 में प्रकाशित किताब ‘द आरएसएस: अ मेनेस टू इंडिया’ में दर्ज किया है। VHP प्रवक्ता ने अंसारी पर लगाए आरोप बंसल ने X पर अंसारी के बयान पर प्रतिक्रिया दी।

उन्होंने कहा, “उपराष्ट्रपति रहते हुए PFI से जुड़े कार्यक्रमों में आपकी मौजूदगी रही। राजदूत रहते हुए राष्ट्रीय हितों को नुकसान पहुंचाने के कई काले दाग आपके कार्यकाल से जुड़े हैं। इसके बावजूद आज आप हिंदुओं को सांप्रदायिकता का पाठ पढ़ा रहे हैं?” बंसल ने आरोप लगाया कि अंसारी अब हिंदू समाज के खिलाफ बेबुनियाद बातें करके फिर अपनी कट्टरपंथी सोच दिखा रहे हैं। उन्होंने “भारत विरोधी और हिंदू विरोधी सोच” रखने का भी आरोप लगाया। अयोध्या फैसले की आलोचना पर भी घेरा बंसल ने अंसारी की अयोध्या फैसले पर आलोचना को लेकर भी निशाना साधा।

उन्होंने कहा, “आपको पता होना चाहिए कि दुनिया की सबसे ज्यादा मस्जिदें भारत में हैं। आपने पहले श्रीराम जन्मभूमि के ऐतिहासिक फैसले की आलोचना की थी।” बंसल ने कहा, “नेहरूवादी, जिन्नावादी और हिंदू विरोधी सोच से बाहर आइए। देश ने आपको पद, सम्मान, पैसा और प्रतिष्ठा दी है। इसके लिए आभार जताइए और एहसान फरामोश मत बनिए।” उन्होंने आगे कहा, “अगली बार दूसरों को उपदेश देने से पहले अपने ही प्रतिबिंब को आईने में देखना बेहतर होगा।”

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