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Lucknow, India

IIT बॉम्बे में स्टूडेंट ने की आत्महत्या:एग्जाम में ChatGPT इस्तेमाल करता पकड़ा गया था; 7 महीने में तीसरा मामला; कैंपस में छात्रों का प्रदर्शन

Published 18 September 2026 · tech

IIT बॉम्बे के सेकेंड ईयर के स्टूडेंट ने शुक्रवार शाम आत्महत्या कर ली। वह एनर्जी साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग में पढ़ता था। इससे पहले, वह

IIT बॉम्बे के सेकेंड ईयर के स्टूडेंट ने शुक्रवार शाम आत्महत्या कर ली। वह एनर्जी साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग में पढ़ता था। इससे पहले, वह दिन में एग्जाम के दौरान मोबाइल फोन इस्तेमाल करते पकड़ा गया था। IIT बॉम्बे के मुताबिक, उसने क्वेश्चन पेपर ChatGPT पर अपलोड किया था। इस मामले में छात्र के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई थी। पुलिस के मुताबिक, परीक्षा शाम 4 बजे खत्म हुई, जिसके बाद छात्र अपने कमरे में गया। शाम को वह अपने हॉस्टल के कमरे में फंदे से लटका मिला। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए राजावाड़ी अस्पताल भेजा गया है।

7 महीने में ये IIT बॉम्बे के कैम्पस में सुसाइड का तीसरा मामला है। सुसाइड की खबर मिलते ही स्टूडेंट्स ने कॉलेज कैंपस में प्रदर्शन शुरू कर दिया। IIT बॉम्बे के बाहर प्रदर्शन की तस्वीरें… 2026 में सुसाइड के 3 मामले फरवरी 2026: हॉस्टल 4 में सेकेंड ईयर के एक छात्र ने सुसाइड किया। जुलाई 2026: नया सेमेस्टर शुरू होते ही हॉस्टल 4 में 20 वर्षीय बी.टेक सेकेंड ईयर छात्र ने जान दे दी। 18 सितंबर 2026: पवई कैंपस में परीक्षा से जुड़े विवाद के बाद एक छात्र ने आत्महत्या कर ली। मिड-सेमेस्टर परीक्षाएं टाल दी गई घटना के बाद 400 से ज्यादा छात्रों ने पास प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।

बाद में निदेशक प्रो. शिरीष केदारे ने छात्रों से मुलाकात की। छात्रों के विरोध के बाद चल रही मिड-सेमेस्टर परीक्षाएं टाल दी गई हैं। संस्थान ने छात्र की मौत पर गहरा दुख जताया है और मामले की जांच की जा रही है। IIT बॉम्बे ने छात्र की मौत पर दुख जताया। संस्थान ने कहा कि वह छात्र के दोस्तों, फैकल्टी सदस्यों और घटना से प्रभावित अन्य लोगों को मदद दे रहा है। IIT बॉम्बे में स्टूडेंट वेलनेस सेंटर मौजूद IIT बॉम्बे में छात्रों के मानसिक तनाव को दूर करने के लिए स्टूडेंट वेलनेस सेंटर (SWC) मौजूद है।

यहां छात्र पर्सनल काउंसलिंग और तनाव से निपटने में मदद ले सकते हैं। इसके लिए wellness@iitb.ac.in पर ईमेल या 022-2576-9070 पर फोन करके समय लिया जा सकता है। अगर कोई छात्र बात-बात पर चिड़चिड़ा हो रहा है, पढ़ाई छोड़ रहा है, खुद को कमरे में बंद रखता है, कम खाता-सोता है या हमेशा निराशा भरी बातें करता है, तो यह भारी मानसिक तनाव की निशानी है।

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